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बिहार के एयरपोर्ट्स अब सिर्फ उड़ान नहीं बल्कि माल ढुलाई और आपदा राहत के केंद्र भी बनेंगे पीएम गतिशक्ति योजना से हवाई पट्टियों को लॉजिस्टिक हब में बदला जाएगा
- Reporter 12
- 14 Feb, 2026
बिहार के एयरपोर्ट अब केवल हवाई यात्रा के केंद्र नहीं रहेंगे बल्कि माल ढुलाई और आपदा राहत के लिए भी महत्वपूर्ण हब बनेंगे। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएम गतिशक्ति के तहत राज्य के सभी एयरपोर्ट्स को रेल, सड़क और जलमार्ग से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में माल ढुलाई की गति बढ़ाना, आपातकालीन विमान सेवाओं को मजबूत बनाना और एयरपोर्ट को लॉजिस्टिक हब में बदलना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बिहार की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी और पूर्वी भारत में राज्य का महत्व बढ़ेगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जिलों से एयरपोर्ट के आसपास के रेलवे ढांचे की रिपोर्ट मांगी है। योजना है कि नजदीकी रेलवे स्टेशनों को इस तरह विकसित किया जाए कि ट्रेन से आने वाला माल सीधे विमान तक पहुंच सके। इससे राज्य के निर्यात, औद्योगिक सामान और ई-कॉमर्स की डिलीवरी तेज होगी और लागत भी कम होगी। साथ ही जिन जिलों में जल परिवहन की सुविधा है या आरओ-आरओ टर्मिनल बनने की संभावना है वहां से एयरपोर्ट की दूरी और कनेक्टिविटी का पूरा मानचित्र तैयार किया जा रहा है। मुख्य एयरपोर्ट जैसे पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया में अतिरिक्त रनवे या हेलीपैड बनाने की संभावनाओं पर विचार चल रहा है। यह कदम आपदा के समय राहत सामग्री की आपूर्ति, मरीजों की एयरलिफ्टिंग और वैकल्पिक उड़ानों के संचालन को आसान बनाएगा। सिविल एविएशन विभाग ने जिलों से रनवे, हेलीपैड और ट्रैक इन्फ्रास्ट्रक्चर की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुसार एयरपोर्ट ढांचा विकसित किया जा सके। नई योजना के तहत सुल्तानगंज को ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए संभावित स्थान माना जा रहा है। इसके अलावा भागलपुर, मुंगेर, रक्सौल, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर में एयरपोर्ट विस्तार पर विचार चल रहा है। मौजूदा एयरपोर्ट पर अतिरिक्त रनवे या हेलीपैड विकसित करके आपातकालीन संचालन को सक्षम बनाने की तैयारी की जा रही है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से बिहार में व्यापार, उद्योग और कृषि आपूर्ति श्रृंखला को नई गति मिलेगी। जहाज, ट्रेन और विमान को एक ही नेटवर्क से जोड़कर राज्य को पूर्वी भारत का उभरता कार्गो हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत हेलीपैड डेटा की मैपिंग भी शुरू हो चुकी है। अगर यह योजना समय पर लागू होती है तो बिहार केवल यात्रियों के लिए नहीं बल्कि माल ढुलाई और लॉजिस्टिक के क्षेत्र में भी पूरे देश में पहचान बना सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस पहल से न केवल व्यापार और उद्योग को लाभ मिलेगा बल्कि किसानों और छोटे व्यवसायियों को भी अपने उत्पाद तेजी से और कम लागत में भेजने का अवसर मिलेगा।
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